बवासीर क्या है?

बवासीर को पाइल्स या hemorrhoids भी कहा जाता है। बवासीर एक बहुत ही पीड़ादायक रोग है। इसमें गुदा और मलाशय के नसों में सूजन आती है। बहुत से लोग आज पाइल्स से पीड़ित हैं। बवासीर का इलाज समय पर करना बहुत जरूरी है।

बवासीर की समस्या में शौच के स्थान पर नसों में सूजन आती है। बवासीर में शौच की जगह पर खुजली, जलन और तेज दर्द भी होता है। इसके साथ गुदा के अंदर और बाहर मस्से भी आते हैं। बीमारी अधिक बढ़ जाती है तो उन मस्सों से खून भी निकलता है।

बवासीर के कारण (Causes of Piles) :

बवासीर कई कारणों से हो सकता है।

  • खराब खानपान जैसे मसालेदार भोजन, बेकरी उत्पादों, मांस, अंडे, चिकन और ऐसे खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन के कारण बवासीर हो सकता है।
  • कब्ज की समस्या (Constipation),
  • मल त्याग के दौरान जोर लगाना,
  • लंबे समय तक शौचालय पर बैठे रहना,
  • कई दिनों से दस्त आना,
  • अधिक समय तक बैठे काम या प्रवास करना,
  • पारिवारिक या अनुवांशिक कारण,
  • गर्भावस्था,
  • मोटापा, इन कारणों से पाइल्स की समस्या मुख्य रूप से हो सकती है।

बवासीर के लक्षण (Symptoms of Piles) :

  • बवासीर होने पर गुदा की नसें सूज जाती हैं,
  • जिससे गुदा के पास अत्यंत दर्द होता है,
  • गुदा के पास खुजली होती है,
  • गुदा के पास जलन होती है,
  • गुदा के अंदर और बाहर मस्से आते हैं,
  • कभी-कभी पाइल्स के मस्सों से खून आता है, यह सब लक्षण बवासीर में होते हैं।

बवासीर के प्रकार (Types of piles) :

1) अंदरुनी बवासीर (Internal hemorrhoids) –

अंदरुनी बवासीर गुदा के अंदर मलाशय में होता है। अंदरुनी बवासीर को चार ग्रेड (piles grades) में वर्गीकृत किया जाता है।

पाइल्स ग्रेड 1 – इसमें अंदरूनी भाग पर हल्की सी सूजन आती है। इसमें ज्यादा दर्द नही होता है।

पाइल्स ग्रेड 2 – इस प्रकार में बवासीर के मस्से शौच के दौरान बाहर निकलते हैं और बाद में आपनेआप वापस अंदर चले जाते हैं। इन मस्सों से मल त्याग करते समय ज़ोर लगाने पर खून आ सकता है।

पाइल्स ग्रेड 3 – इस प्रकार में बवासीर के मस्से शौच के दौरान बाहर निकलते हैं लेकिन आपनेआप वापस अंदर नहीं जाते हैं। इन मस्सों को अंदर जाने के लिए उन्हें उंगली से अंदर ढकेलना पड़ता है। इस ग्रेड में मस्सों से मल त्याग करते समय खून आता है।

पाइल्स ग्रेड 4 – इस प्रकार में बवासीर के मस्से बाहर आ जाते हैं। उंगली से अंदर ढकेलने पर भी वह अंदर नहीं जाते। इस ग्रेड के मस्से अधिक सूजे हुए और दर्दनाक होते हैं। इनसे खून भी निकलता है।

2) बाहरी बवासीर (External hemorrhoids) –

मलाशय के बाहरी भाग में यह बवासीर होता है। इस प्रकार में बवासीर के मस्से गुदा के बाहर आते हैं। इसके मस्से सूजे हुए होते है। इससे बहुत दर्द भी होता है।

बवासीर की पहचान –

गुदा में सूजन, खुजली, जलन, दर्द होना जैसे लक्षणों के आधार पर बवासीर का निदान आपके डॉक्टर कर सकते है । गुदा के अंदर आंतरिक बवासीर का निदान करने के लिए एक डिजिटल रेक्टल परीक्षा (डीआरई) या प्रोक्टोस्कोप (proctoscope) का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, कभी-कभी कोलोनोस्कोपी (colonoscopy) की आवश्यकता हो सकती है। इस तरह बवासीर बीमारी की पहचान की जाती है।

बवासीर और उपचार (Piles Treatment):

बवासीर के प्रकार और रोग की स्थिति इसपर इसके उपचार निर्भर होते है। बवासीर के शुरुआती अवस्था में जीवनशैली में बदलाव, उचित आहार और दवा से बवासीर से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। हालांकि, अगर बवासीर को नजरअंदाज किया जाता है, तो समस्या बढ़ जाएगी और ऐसे मामलों में दवा के साथ-साथ बवासीर की सर्जरी भी करनी पड़ सकती हैं। बवासीर के लिए उपलब्ध सभी उपचारों की सूची नीचे दी गई है।

बवासीर की दवाएं (Piles OTC medications) –

बवासीर में गुदाद्वार में सूजन आने से वहां दर्द होता है। इस मामले में, दर्द निवारक दवाओं का उपयोग किया जाता है। इसके लिए आपके डॉक्टर दर्द निवारक दवाएं, मलहम, क्रीम दे सकते है। कब्ज की समस्या है तो कब्ज दूर करने के लिए Laxatives दवाएं दे सकते है।

साथ ही बवासीर के लिए कई आयुर्वेदिक दवाएं जैसे गोलियों, अर्क और क्रीम के रूप में उपलब्ध हैं। यह बवासीर में होनेवाली सूजन, दर्द, खुजली, रक्तस्राव, कब्ज जैसी समस्याओं से निजात दिलाने में मदद करते है।

बवासीर ऑपरेशन के तरीके (Piles Surgical options) –

यदि बवासीर अधिक गंभीर हुआ है या दवा, बवासीर को कम नहीं करती है, तो सर्जरी को प्राथमिकता दी जाती है। आमतौर पर बवासीर के 10 में से एक मरीज को सर्जरी की जरूरत होती है। बवासीर का ऑपरेशन निम्नलिखित तरीकों से किया जाता है।

1) बैंडिंग ट्रीटमेंट (Banding Treatment) –

इसमें डॉक्टर बवासीर मस्सों के चारों ओर एक इलास्टिक बैंड बांधते हैं और मस्सों में रक्त की आपूर्ति बंद कर देते हैं। इससे कुछ दिनों के बाद मस्सों को रक्त की आपूर्ति बंद हो जाती है और वे झड़ कर निकल जाते हैं। यह उपचार विकल्प चौथे ग्रेड के बवासीर को छोड़कर सभी प्रकार के बवासीर के लिए बहुत उपयोगी है।

2) पाइल्स स्क्लेरोथेरेपी इंजेक्शन (Piles Sclerotherapy injection) –

इसमें बवासीर मस्सों को, विशिष्ट दवा का इंजेक्शन दिया जाता है। इससे मस्से सिकुड़ कर निकल जाते है। यह उपचार पद्धति दूसरी और तीसरी ग्रेड के बवासीर में उपयोगी है।

3) इन्फ्रारेड कॉग्युलेशन (Infrared coagulation) –

इस विधि में इंफ्रारेड लाइट का उपयोग करके पाइल्स मस्सों को जला दिया जाता है। इस पद्धति का उपयोग पहली और दूसरी ग्रेड के बवासीर के इलाज के लिए किया जाता है।

4) हेमोराहाइडेक्टोमी (Hemorrhoidectomy) –

हेमोराहाइडेक्टोमी इसको बवासीर की सर्जरी भी कहा जाता है। बवासीर पर अन्य उपचार तरीकों से कोई लाभ न होने पर बवासीर का ऑपरेशन करने की सलाह दी जाती है। इस ऑपरेशन को हेमोराहाइडेक्टोमी या हेमोराइड सर्जरी कहा जाता है। इस ऑपरेशन में एनेस्थीसिया देकर बवासीर मस्सों को, शल्य चिकित्सा द्वारा हटा दिया जाता है।

इस ऑपरेशन के लिए मरीज को तीन से चार दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है। ऑपरेशन के एक या दो सप्ताह के बाद, रोगी अपना काम फिर से शुरू कर सकता है। यह ऑपरेशन बवासीर को पूरी तरह से हटा देता है। हालांकि, सर्जरी के बाद शौच की कुछ शिकायतें हो सकती हैं। इसके लिए सर्जरी के बाद आहार में फाइबर युक्त भोजन को शामिल करने की शिफारिस आपके डॉक्टर कर सकते हैं।

बवासीर और घरेलू उपाय –

  • एलोवेरा जेल को बवासीर पर लगाएं। बवासीर में सूजन और दर्द को कम करने के लिए एलोवेरा जेल उपयोगी है।
  • बवासीर के मस्सों की जगह पर जैतून का तेल लगाएं। यह मस्सों की सूजन को कम करने में मदद करता है।
  • बवासीर के मस्सों पर बादाम का तेल लगाने से सूजन और जलन कम होती हैं।
  • नारियल की भूसी को जलाकर राख कर लें। इस राख को रोज छाछ में मिलाकर सुबह खाली पेट पिएं। यह घरेलू उपाय बवासीर से छुटकारा पाने में मदद करता है।
  • नींबू के रस और शहद का मिश्रण बना लें। इस मिश्रण को रोजाना खाने से बवासीर कम हो जाती है।
  • बवासीर होने पर जीरे के चूर्ण को छाछ के साथ मिलाकर सेवन करना चाहिए। यह बवासीर के लिए बहुत ही उपयोगी घरेलू उपाय है।

बवासीर के पेशेंट के लिए महत्वपूर्ण टिप्स –

  • उच्च फाइबर वाला आहार लें।
  • अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां और फल शामिल करें।
  • मसालेदार भोजन, फास्ट फूड, जंक फूड, बेकरी पदार्थ खाना कम करे।
  • दिन भर में 7 से 8 गिलास पानी पिएं।
  • गुदमार्ग पर खुजली होने पर वहांपर खुजाने से बचे। क्योंकि अपने नाखून से गुदमार्ग पर जख्म और इन्फेक्शन होने की संभावना इससे रहती हैं।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • एक ही स्थान पर अधिक देर तक न बैठें।
  • बवासीर होने पर इस तरह की देखभाल लेने से जल्द से जल्द बवासीर ठीक होने में मदद मिलती हैं।
5 Sources

In this article information about
Piles Symptoms, causes, Home remedies and treatments in Hindi.